CM Dhami has been standing with the rescue operation teams in the disaster -prone area Dharali.
आपदा ग्रस्त क्षेत्र धराली में रेस्क्यू ऑपरेशन टीमों के साथ डटे है सीएम धामी।

The Aman Times
उत्तराखंड ब्यूरो _
उत्तरकाशी में धराली आपदा के बाद से मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी लगातार प्रभावित क्षेत्र में डटे हुए हैं। उन्होंने शुक्रवार को लगातार तीसरे दिन, आपदा ग्रस्त क्षेत्र में जारी राहत एवं बचाव अभियान की स्थलीय निरीक्षण किया।

इस बीच शुक्रवार को आपदा प्रभावित क्षेत्र में बिजली के साथ ही संचार नेटवर्क भी बहाल कर दिया गया।
शुक्रवार दोपहर मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने आपदा प्रभावित क्षेत्र धराली का दौरा करते हुए वरिष्ठ अधिकारियों को जरूरी दिशा निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने प्रभावित परिवारों से मिलकर उनके दुख-दर्द को साझा किया। साथ ही उन्हें हर संभव मदद का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार तेजी से क्षेत्र में बिजली, पानी, संचार के साथ सड़क कनेक्टिविटी बहाल करने का प्रयास कर रही है। साथ ही प्रभावितों के पुनर्वास के भी प्रयास शुरु किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने आपदा में क्षतिग्रस्त परिसम्पत्तियों एवं फसलों के नुकसान के आकलन के निर्देश डीएम को दिए। इस दौरान ग्रामीणों ने धराली का पुनर्निर्माण केदारनाथ धाम की तर्ज पर कराने की मांग की। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार इस दुःख की घड़ी में प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है। धराली के लिए जो बेहतर से बेहतर होगा उसे पूरा करने का प्रयास किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी एजेंसियों की तत्परता से अब तक 600 से अधिक यात्रियों को एयरलिफ्ट करते हुए उत्तरकाशी या देहरादून भेजा गया है।

इस दौरान क्षेत्रीय विधायक श्री सुरेश चौहान, डीजीपी श्री दीपम सेठ, गढ़वाल कमिश्नर श्री विनय शंकर पांडेय, आईजी श्री अरुण मोहन जोशी, डीएम श्री प्रशांत आर्य, एसपी सरिता डोबाल जी, आईएएस श्री गौरव कुमार, आईपीएस श्री अमित श्रीवास्तव, अपर्ण यदुवंशी, पूर्व विधायक श्री विजयपाल सजवाण, गढ़वाल समन्वयक श्री किशोर भट्ट, गंगोत्री मंदिर समिति सचिव श्री सुरेश सेमवाल सहित अन्य अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

इधर, सरकार के प्रयासों से शुक्रवार को क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति बहाल हो गई है। साथ ही संचार नेटवर्क भी बहाल होने से प्रभावित क्षेत्र के लोगों का राहत मिली है। इसके अलावा अनेक स्थान पर क्षतिग्रस्त सड़कों को ठीक करने का प्रयास भी युद्ध स्तर पर जारी है।
दूसरी तरफ, धराली में दो आईएएस अफसर और दो आईपीएस अधिकारियों ने राहत एवं बचाव अभियान की कमान संभाली हुई है। प्रभावित परिवारों को धराली एवं हर्षिल में सामुदायिक रसोई में भोजन की व्यवस्था की गई है। हर्षिल, झाला, गंगोत्री में रुके यात्रियों को हेली सेवा के माध्यम से मातली भेजा जा रहा है। शुक्रवार शाम तक 260 से अधिक यात्रियों को हर्षिल से मातली भेजा गया।



