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Building a prosperous and developed India is possible only through cooperation: Governor Gurmeet Singh

सहकारिता से ही संभव है समृद्ध और विकसित भारत का निर्माण: राज्यपाल गुरमीत सिंह

The Aman Times

उत्तराखंड ब्यूरो _

सहकारिता से ही संभव है समृद्ध और विकसित भारत का निर्माण: राज्यपाल गुरमीत सिंह

देहरादून से खबर हैं _

अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025 के अवसर पर रेंजर्स ग्राउंड, देहरादून में आयोजित सहकारिता मेले के समापन समारोह में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया।

इस दौरान उन्होंने मेले में लगे विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन किया और उपस्थित जनसमूह को संबोधित किया।

अपने संबोधन में राज्यपाल ने कहा कि सहकार का अर्थ है मिलकर कार्य करना। सहकारिता आंदोलन ‘एक के लिए सब और सब के लिए एक’ की भावना को दर्शाता है। जहाँ ‘मैं’ समाप्त होता है, वहीं से ‘हम’ की शुरुआत होती है और यही सहकारिता का मूल भाव है। उन्होंने कहा कि सहकारिता हमारे देश के जीवन दर्शन का अभिन्न अंग रही है और यह कोई नई अवधारणा नहीं है।

राज्यपाल ने कहा कि भारत में प्राचीन काल से समूह जीवन की परंपरा रही है। ग्रामसभा, पंचायती व्यवस्था, सिंचाई हेतु सामूहिक तालाब, मंदिर और विद्यालय निर्माण में सामूहिक योगदान—ये सभी सहकारिता की सशक्त मिसाल हैं। उन्होंने बताया कि सहकारिता केवल उत्पादन और वितरण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह गरीबी उन्मूलन, लैंगिक समानता, सतत आजीविका, खाद्य सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण सहित 17 सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

राज्यपाल ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा केंद्र सरकार में स्वतंत्र सहकारिता मंत्रालय के गठन को दूरदर्शी निर्णय बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का उद्देश्य ऐसा विकास मॉडल तैयार करना है, जिसमें सामूहिक सहभागिता के माध्यम से सभी का विकास सुनिश्चित हो, और यह लक्ष्य सहकारिता के बिना संभव नहीं है।

उन्होंने यह भी कहा कि उत्तराखण्ड देश का एकमात्र राज्य है, जहां सहकारी समितियों में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू किया गया है। महिला स्वयं सहायता समूह आज न केवल परिवार की आर्थिक रीढ़ बन रहे हैं, बल्कि उद्यमिता के क्षेत्र में भी नई ऊंचाइयों को छू रहे हैं। राज्यपाल ने गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि उत्तराखण्ड की सहकारी समितियां सेना, आईटीबीपी और अन्य अर्धसैनिक बलों को खाद्यान्न, डेयरी एवं आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति कर रही हैं, जो राष्ट्रीय सेवा में राज्य की सहकारिता की मजबूत भूमिका को दर्शाता है।

इस अवसर पर राज्यपाल ने लोगों से संकल्प लेने का आह्वान किया कि हर गांव में सशक्त सहकारी समिति बने, हर परिवार सहकारिता से जुड़कर आत्मनिर्भर बने और हर युवा सहकारिता को अवसर के मंच के रूप में अपनाए। उन्होंने कहा कि इन्हीं प्रयासों से आत्मनिर्भर भारत का सपना साकार होगा और विकसित भारत-2047 का संकल्प पूरा होगा।

कार्यक्रम में प्रदेश के सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025 के अंतर्गत प्रदेश में अब तक 11 सहकारिता मेले आयोजित किए जा चुके हैं, जिनमें 3 लाख से अधिक किसानों ने सहभागिता की है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में प्रदेश की विभिन्न सहकारी समितियों से 30 लाख से अधिक किसान जुड़े हैं और सरकार का लक्ष्य इस संख्या को बढ़ाकर 50 लाख से अधिक करने का

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