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CM Dhami in ‘She for STEM Uttarakhand’ workshop, scholarship of Rs 50-50 thousand to 20 daughters.

शी फॉर स्टेम उत्तराखण्ड’ कार्यशाला में सीएम धामी, 20 बेटियों को 50-50 हजार की छात्रवृत्ति

The Aman Times

उत्तराखंड ब्यूरो _

‘शी फॉर स्टेम उत्तराखण्ड’ कार्यशाला में सीएम धामी, 20 बेटियों को 50-50 हजार की छात्रवृत्ति

देहरादून।

अंतर्राष्ट्रीय महिला एवं बालिका विज्ञान दिवस के अवसर पर उत्तराखण्ड तकनीकी विश्वविद्यालय, सुद्धोवाला (प्रेमनगर, देहरादून) में आयोजित ‘शी फॉर स्टेम उत्तराखण्ड’ विषयक कार्यशाला में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी छात्राओं और प्रतिभागियों को हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए प्रदेश की 20 प्रतिभाशाली बेटियों को 50-50 हजार रुपये की छात्रवृत्ति प्रदान की।

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि ‘शी फॉर स्टेम’ पहल के तहत राज्य के हर जनपद से पांच छात्राओं को छात्रवृत्ति दी जाएगी। इसके साथ ही STEM क्षेत्र में स्टार्टअप शुरू करने वाली छात्राओं को वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। महिला प्रौद्योगिकी केंद्रों से स्वयं सहायता समूहों को भी जोड़ा जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल बेटियों को साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और मैथेमेटिक्स (STEM) के क्षेत्र में शिक्षा एवं करियर के लिए प्रेरित करेगी। दूरस्थ और सीमांत क्षेत्रों में विज्ञान एवं नवाचार को बढ़ावा देने तथा महिलाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रयास कर रही है।

 

उन्होंने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए इन-मोबी, विज्ञानशाला इंटरनेशनल, यूकॉस्ट और उत्तराखण्ड तकनीकी विश्वविद्यालय सहित सभी आयोजकों की सराहना की।

 

इतिहास से आधुनिक युग तक नारी शक्ति का योगदान

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय इतिहास नारी शक्ति के वैज्ञानिक योगदान का साक्षी रहा है। वैदिक काल में गार्गी और मैत्रेयी जैसी विदुषियों से लेकर लीलावती तक महिलाओं ने ज्ञान के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभाई। आयुर्वेद के ग्रंथों के विकास में भी महिलाओं का योगदान रहा है।

उन्होंने अन्ना मणि, कमला सोहोनी, डॉ. टेसी थॉमस और डॉ. ऋतु करिधल जैसी महान वैज्ञानिक महिलाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इन विभूतियों ने देश को वैश्विक मंच पर गौरव दिलाया है।

 

STEM में बढ़ रही छात्राओं की भागीदारी

 

मुख्यमंत्री ने बताया कि आज भारत में STEM से स्नातक होने वाले विद्यार्थियों में लगभग 42–43 प्रतिशत छात्राएं हैं, जो विकसित देशों से भी अधिक है। उन्होंने कहा कि बेटियों को अवसर, संसाधन और विश्वास देकर उनके सपनों को उड़ान देना आवश्यक है।

 

विज्ञान और तकनीक में भारत की नई उड़ान

 

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की वैज्ञानिक उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि चंद्रयान-3, आदित्य L1, गगनयान और कोरोना वैक्सीन जैसे मिशनों ने भारत को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है। डिजिटल इंडिया अभियान के तहत एआई, मशीन लर्निंग और क्लाउड कंप्यूटिंग को बढ़ावा दिया जा रहा है।

उत्तराखण्ड में विज्ञान एवं नवाचार को बढ़ावा

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने पहली विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार नीति लागू की है। साइंस एवं इनोवेशन सेंटर, डिजिटल लाइब्रेरी, पेटेंट सूचना केंद्र, STEM लैब्स, एआई और रोबोटिक्स लैब की स्थापना की जा रही है। देहरादून में देश की पांचवीं साइंस सिटी का निर्माण कार्य भी प्रगति पर है।

 

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा बाबा केदार की भूमि से दिया गया संदेश “21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखण्ड का दशक होगा” तभी साकार होगा जब प्रदेश की बेटियां सशक्त और आत्मनिर्भर बनेंगी।

 

कार्यक्रम में विधायक सहदेव सिंह पुंडीर, सचिव रंजीत सिन्हा, यूकॉस्ट के महानिदेशक प्रो. दुर्गेश पंत सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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