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International Yoga Festival 2026 inaugurated in Rishikesh, Chief Minister Dhami appealed to the youth to adopt yoga.

ऋषिकेश में अंतर्राष्ट्रीय योग महोत्सव 2026 का शुभारंभ, मुख्यमंत्री धामी ने युवाओं से योग अपनाने की अपील.

The Aman Times

उत्तराखंड ब्यूरो _

ऋषिकेश में अंतर्राष्ट्रीय योग महोत्सव 2026 का शुभारंभ, मुख्यमंत्री धामी ने युवाओं से योग अपनाने की अपील

ऋषिकेश/टिहरी से खबर हैं _

Pushkar Singh Dhami ने जनपद टिहरी के गंगा रिजॉर्ट, मुनिकी रेती में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय योग महोत्सव 2026 में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि एक समग्र जीवन पद्धति है जो आत्मा को परमात्मा से जोड़ने का कार्य करता है। उन्होंने देश और प्रदेश के युवाओं से योग को अपने जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के समय में विभिन्न क्षेत्रों में कार्य करने वाले युवा अक्सर थकान और तनाव महसूस करते हैं। ऐसे में योग उनके लिए सबसे अच्छा सहयोगी बन सकता है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने योग नीति 2025 लागू की है, जिसके तहत प्रदेश के प्रत्येक जनपद में 50 और 10 बेड वाले आयुष चिकित्सालय स्थापित किए जा रहे हैं। साथ ही योग और आध्यात्म को बढ़ावा देने के लिए ₹10 करोड़ का बजट प्रावधान भी किया गया है।

उन्होंने कहा कि Garhwal Mandal Vikas Nigam और Uttarakhand Tourism Department के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित यह अंतर्राष्ट्रीय योग महोत्सव पिछले 35 वर्षों से योग की परंपरा को दुनिया के कोने-कोने तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि योग भारत की प्राचीन आध्यात्मिक परंपरा की अमूल्य धरोहर है। हजारों वर्ष पूर्व हमारे ऋषि-मुनियों ने योग के माध्यम से शरीर, मन और आत्मा के संतुलन का जो मार्ग दिखाया था, वह आज पूरी दुनिया के लिए स्वस्थ जीवन, मानसिक शांति और आध्यात्मिक उन्नति का सशक्त आधार बन चुका है।

उन्होंने कहा कि योग के महत्व को देखते हुए Narendra Modi ने वर्ष 2014 में संयुक्त राष्ट्र में 21 जून को International Day of Yoga के रूप में मनाने का प्रस्ताव रखा था। आज दुनिया के 180 से अधिक देशों में करोड़ों लोग योग का अभ्यास कर रहे हैं।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि Uttarakhand केवल देवभूमि ही नहीं बल्कि योगभूमि भी है। यहां की पवित्र नदियां, शांत वातावरण और स्वच्छ जलवायु योग साधना के लिए आदर्श वातावरण प्रदान करती हैं। उन्होंने कहा कि Rishikesh को आज विश्वभर में “योग की राजधानी” के रूप में पहचान मिल रही है, जहां हर साल हजारों साधक योग और ध्यान का अभ्यास करने पहुंचते हैं।

 

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में आयुष आधारित 300 से अधिक आयुष्मान आरोग्य केंद्र संचालित किए जा रहे हैं और ई-संजीवनी पोर्टल के माध्यम से नागरिकों को विशेषज्ञों द्वारा आयुष परामर्श भी दिया जा रहा है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने गढ़वाल मंडल के हर गांव को पर्यटन से जोड़ने वाली उत्तराखण्ड खोज योजना का भी लोकार्पण किया।

 

कार्यक्रम में Satpal Maharaj ने भी अपने विचार व्यक्त किए। वहीं Prateek Jain ने बताया कि इस बार अंतर्राष्ट्रीय योग महोत्सव में 2500 से अधिक पंजीकरण हो चुके हैं और 150 से अधिक योग संस्थाओं के सहयोग से कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है।

कार्यक्रम में Gurukul Kangri University सहित विभिन्न संस्थानों से आए योग साधकों ने योग की विभिन्न क्रियाओं का प्रदर्शन किया। इस दौरान बड़ी संख्या में योग साधक, अतिथि और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।

The Aman Times

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