Revenue Lok Adalat inaugurated in Uttarakhand, CM Dhami inaugurated it virtually.
उत्तराखंड में राजस्व लोक अदालत का शुभारंभ, सीएम धामी ने वर्चुअल किया उद्घाटन।

The Aman Times
उत्तराखंड ब्यूरो
पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश में ‘राजस्व लोक अदालत’ का वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शुभारम्भ किया। इस पहल का उद्देश्य आम जनता को सरल, सुलभ और समयबद्ध न्याय उपलब्ध कराना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार न्याय व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने इस पहल को नरेन्द्र मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मंत्र का विस्तार बताया।
क्या है ‘राजस्व लोक अदालत’?
वर्षों से लंबित राजस्व मामलों का त्वरित निस्तारण
किसानों की भूमि, आजीविका और सम्मान से जुड़े विवादों का समाधान
प्रदेश में 400 से अधिक राजस्व न्यायालयों में करीब 50 हजार मामले लंबित
बड़े स्तर पर आयोजन
सभी 13 जिलों में एक साथ आयोजन
210 स्थानों पर लगेंगी लोक अदालतें
लगभग 6,933 मामलों का मौके पर निस्तारण लक्ष्य
किन मामलों का होगा समाधान?
भूमि विवाद
आबकारी, खाद्य, स्टाम्प
सरफेसी एक्ट, गुंडा एक्ट, CRPC
विद्युत अधिनियम, वरिष्ठ नागरिक अधिनियम, रेंट कंट्रोल एक्ट

डिजिटल सुविधा भी
राज्य सरकार ने ‘Revenue Court Case Management System’ पोर्टल विकसित किया है, जिससे लोग घर बैठे अपने मामलों को दर्ज और ट्रैक कर सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि “न्याय आपके द्वार” की अवधारणा को साकार करते हुए सरकार तकनीक और पारदर्शिता के माध्यम से जनता को राहत देने के लिए प्रतिबद्ध है।
बैठक में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि लंबित राजस्व मामलों का निस्तारण युद्ध स्तर पर किया जाए और एक माह के भीतर प्राथमिकता के आधार पर पेंडिंग मामलों को समाप्त किया जाए।
सरकार का फोकस:
सरलीकरण
समाधान
निस्तारीकरण
संतुष्टि
राज्य सरकार ने साफ किया कि इस तरह की पहल आगे भी जारी रहेगी ताकि हर नागरिक को समय पर न्याय मिल सके।



