
The Aman Times
उत्तराखंड ब्यूरो _
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर डोईवाला की महिला को मिला सम्मान, क्षेत्र में खुशी का माहौल।
डॉ. ममता कुंवर ‘हिमालयी नारी शक्ति सम्मान–2026’ से सम्मानित, संस्कृति व सामाजिक सरोकारों में योगदान को मिली पहचान
डोईवाला/देहरादून।
उत्तराखंड स्टेट कौंसिल फॉर साइंस एंड टेक्नोलॉजी (UCOST) और दिव्य हिमगिरी के संयुक्त तत्वावधान में इंस्टिट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया) देहरादून के सभागार में आयोजित आठवें ‘हिमालयी नारी शक्ति सम्मान–2026’ समारोह में पूर्व जिला पंचायत सदस्य, सामाजिक कार्यकर्ता और संस्कृति कर्मी डॉ. ममता कुंवर को सम्मानित किया गया।

समारोह की मुख्य अतिथि डॉ. भानु दुग्गल, कुलपति हेमवती नंदन बहुगुणा उत्तराखंड चिकित्सा विश्वविद्यालय रहीं। वहीं कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में कुमकुम रानी तथा उत्तराखंड स्टेट कौंसिल फॉर साइंस एंड टेक्नोलॉजी के महानिदेशक डॉ. दुर्गेश पंत उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के दौरान प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली 20 महिलाओं को ‘हिमालयी नारी शक्ति सम्मान–2026’ से सम्मानित किया गया, जबकि 7 महिलाओं को ‘विज्ञान प्रयोगधर्मी महिला सम्मान’ प्रदान किया गया। यह सम्मान महिलाओं को स्टार्टअप, नवाचार, उद्यमिता और सामाजिक योगदान के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय कार्यों के लिए दिया गया।

इस अवसर पर डॉ. ममता कुंवर को साहित्य, संस्कृति संरक्षण और सामाजिक सरोकारों के क्षेत्र में उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए सम्मानित किया गया। डॉ. कुंवर लंबे समय से हिमालयी जीवन, लोक संस्कृति, पर्यावरणीय संवेदनाओं और समाज की जमीनी सच्चाइयों को अपनी रचनाओं के माध्यम से अभिव्यक्ति देती रही हैं। उनकी रचनाएं पहाड़ की माटी, लोक परंपराओं और मानवीय संवेदनाओं से गहराई से जुड़ी हैं, जो पाठकों को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने का काम करती हैं।

सम्मान प्राप्त करने के बाद डॉ. ममता कुंवर ने कहा कि हिमालयी क्षेत्र की महिलाएं अपनी प्रतिभा, परिश्रम और रचनात्मकता से समाज में प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत कर रही हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे सम्मान कार्यक्रम महिलाओं के योगदान को पहचान देने के साथ-साथ नई पीढ़ी को आगे बढ़ने की प्रेरणा भी देते हैं।

समारोह में विभिन्न जनपदों से आए प्रतिभागियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और गणमान्य लोगों की गरिमामयी उपस्थिति रही। वक्ताओं ने सम्मानित महिलाओं के कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें समाज में सकारात्मक परिवर्तन की प्रेरक शक्ति बताया।



