Devbhoomi Cultural Festival concludes in Badrinath, CM Dhami honored the winners
बदरीनाथ में देवभूमि कल्चरल फेस्टिवल-2026 का समापन, सीएम धामी ने विजेताओं को किया सम्मानित.

The Aman Times
चमोली ब्यूरो_
बदरीनाथ में देवभूमि कल्चरल फेस्टिवल-2026 का समापन, सीएम धामी ने विजेताओं को किया सम्मानित
बदरीनाथ/चमोली_
श्री बदरीनाथ धाम के टूरिस्ट अराइवल प्लाजा में भारतीय सेना एवं जिला प्रशासन चमोली के संयुक्त तत्वावधान में ऑपरेशन सद्भावना के तहत आयोजित दो दिवसीय ‘देवभूमि कल्चरल फेस्टिवल-2026’ का रविवार को समापन हुआ। ‘हमारी विरासत, हमारा भविष्य’ थीम पर आयोजित महोत्सव में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया और विभिन्न सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं के विजेता एवं उपविजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया।

इससे पहले मुख्यमंत्री ने बामणी गांव पहुंचकर नंदा अष्टमी के अवसर पर आयोजित उत्सव में ग्रामीणों के साथ प्रतिभाग किया और प्रदेशवासियों को नंदा अष्टमी की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने देवभूमि की लोक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन पर जोर दिया।

महोत्सव परिसर में मुख्यमंत्री ने स्थानीय उत्पादों, महिला स्वयं सहायता समूहों, हस्तशिल्प, पारंपरिक व्यंजनों और अन्य प्रदर्शनी स्टॉलों का अवलोकन किया। उन्होंने महिला समूहों से स्थानीय उत्पादों एवं पहाड़ी व्यंजनों की जानकारी ली और इन्हें बाजार उपलब्ध कराने के प्रयासों की सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थानीय उत्पादों को पर्यटन से जोड़ने से सीमांत क्षेत्रों में आजीविका और स्वरोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

मुख्यमंत्री ने भारतीय सेना की सैन्य प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया और अत्याधुनिक हथियारों एवं सैन्य उपकरणों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि ऐसी प्रदर्शनियां युवाओं को सेना की कार्यप्रणाली से परिचित कराने के साथ राष्ट्र सेवा और देशभक्ति की भावना को मजबूत करती हैं।

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की आत्मा उसकी लोक संस्कृति में बसती है। लोक नृत्य, लोक गीत, परंपराएं और रीति-रिवाज प्रदेश की विशिष्ट पहचान हैं। ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी भाषा, संस्कृति और जड़ों से जोड़ने के साथ सीमांत क्षेत्रों के युवाओं को भारतीय सेना में सेवा के लिए प्रेरित करते हैं।

उन्होंने कहा कि ‘विकास भी, विरासत भी’ के मूल मंत्र के साथ राज्य सरकार संस्कृति और विरासत के संरक्षण के साथ विकास कार्यों को गति दे रही है। बदरीनाथ धाम मास्टर प्लान के तहत श्रद्धालुओं की सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए विकास कार्य किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के माध्यम से सीमांत क्षेत्रों में सड़क, बिजली, दूरसंचार, पर्यटन और आजीविका से जुड़ी सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है। माणा, नीति और जादुंग जैसे क्षेत्रों को पर्यटन एवं आजीविका से जोड़कर स्थानीय रोजगार और स्वरोजगार को बढ़ावा दिया जा रहा है।
उन्होंने मिलेट मिशन, एप्पल मिशन, होम स्टे, कृषि, बागवानी, पशुपालन, मधुमक्खी पालन, सुगंधित पौधों एवं स्थानीय मसालों की खेती के साथ शीतकालीन और साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने की बात कही। मुख्यमंत्री के अनुसार प्रदेश में 3.10 लाख महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं और स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं स्थानीय उत्पादों, पहाड़ी व्यंजनों एवं हस्तशिल्प के माध्यम से आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।

इस अवसर पर GOC-in-C सेंट्रल कमांड लेफ्टिनेंट जनरल अनिंद्य सेनगुप्ता, GOC-in-C उत्तर भारत एरिया लेफ्टिनेंट जनरल डी.जी. मिश्रा, ब्रिगेडियर गौरव बत्रा, डीएम गौरव कुमार, एसपी सुरजीत सिंह पंवार सहित भारतीय सेना के अधिकारी, जनप्रतिनिधि, स्थानीय नागरिक, युवा, विद्यार्थी एवं अन्य अतिथि मौजूद रहे। महोत्सव में माणा गांव के ग्रामीणों की पारंपरिक प्रस्तुति भी आकर्षण का केंद्र रही।



