
The Aman Times
उत्तराखंड ब्यूरो _
1.75 लाख छात्रों से DGP दीपम सेठ का सीधा संवाद, साइबर सुरक्षा के दिए टिप्स
देहरादून/उत्तराखंड _
प्रधानमंत्री के डिजिटल सुरक्षा संदेश और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के “युवा विद्यार्थी संवाद कार्यक्रम” के तहत उत्तराखंड पुलिस ने राज्यभर में बड़ा साइबर जागरूकता अभियान चलाया। राज्यव्यापी वर्चुअल कार्यक्रम में डीजीपी दीपम सेठ ने प्रदेश के 1100 से अधिक राजकीय विद्यालयों के करीब 1.75 लाख छात्र-छात्राओं से सीधा संवाद किया।

राजकीय नवोदय विद्यालय, तपोवन, नालापानी स्थित ICT Virtual Classroom Studio से आयोजित कार्यक्रम में कक्षा 6 से 12 तक के विद्यार्थियों ने भाग लिया। डीजीपी ने विद्यार्थियों के सवालों के जवाब देते हुए ऑनलाइन फ्रॉड, सोशल मीडिया सेफ्टी, हैकिंग, AI, साइबर बुलिंग और साइबर शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया की जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के दौर में विद्यार्थियों के लिए सीखने और नवाचार के नए अवसर उपलब्ध हैं, लेकिन साइबर अपराधों से बचने के लिए जागरूक और सतर्क रहना भी जरूरी है। उन्होंने विद्यार्थियों से तकनीक का उपयोग ज्ञान, शिक्षा और कौशल विकास के लिए करने तथा खुद “Cyber Smart Citizen” बनने की अपील की।

AI, Deepfake और Digital Arrest पर भी जागरूकता
कार्यक्रम में पुलिस महानिरीक्षक साइबर नीलेश आनंद भरणे, एसएसपी STF अजय सिंह और अपर पुलिस अधीक्षक साइबर शांतनु परासर ने विद्यार्थियों को साइबर अपराध के बदलते तरीकों और उनसे बचाव के उपाय बताए। इस दौरान AI, Deepfake, Digital Arrest, Cyber Bullying, Online Harassment, Sextortion, Fake Profiles और Online Gaming जैसे विषयों पर उदाहरणों, PPT और वीडियो के माध्यम से जानकारी दी गई।

पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों से अपील की कि किसी भी फोटो, वीडियो या सूचना को बिना सत्यापन के फॉरवर्ड न करें और संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें। साइबर वित्तीय धोखाधड़ी होने पर तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करने या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराने की जानकारी भी दी गई।
स्कूलों में नियमित होंगे जागरूकता कार्यक्रम
विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी और मांग को देखते हुए डीजीपी दीपम सेठ ने राजकीय विद्यालयों में साइबर सुरक्षा से जुड़े जागरूकता कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की आयु के अनुरूप सरल और व्यावहारिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएं।

आने वाले समय में साइबर सुरक्षा, नशा मुक्ति और सड़क सुरक्षा को लेकर राज्य एवं जिला स्तर पर नियमित वर्चुअल जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि विद्यार्थियों को सुरक्षित, सतर्क और जिम्मेदार नागरिक बनाया जा सके।



