
The Aman Times
उत्तराखंड ब्यूरो _
विश्व बैंक समूह के प्रबंध निदेशक ने एसडीआरएफ मुख्यालय का किया भ्रमण
देहरादून, 26 अगस्त।
विश्व बैंक समूह के मैनेजिंग डायरेक्टर एवं चीफ नॉलेज ऑफिसर पास्कल डोनोहो ने बुधवार को उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ जॉलीग्रांट स्थित एसडीआरएफ वाहिनी मुख्यालय का भ्रमण किया। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने उत्तराखंड की आधुनिक आपदा प्रबंधन व्यवस्था, विशेषज्ञ रेस्क्यू क्षमता, प्रशिक्षण प्रणाली और तकनीकी संसाधनों का जायजा लिया।

भ्रमण के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने एसडीआरएफ मुख्यालय के एडमिनिस्ट्रेशन ब्लॉक, ट्रेनिंग ब्लॉक, कैनाइन यूनिट और कंट्रोल रूम का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने आपदा की स्थिति में रेस्क्यू टीमों की त्वरित तैनाती, अभियान की निगरानी, संचार व्यवस्था और कमांड एंड कंट्रोल प्रणाली की जानकारी ली।

सेनानायक एसडीआरएफ अर्पण यदुवंशी ने प्रतिनिधिमंडल को उत्तराखंड की भौगोलिक एवं भौगर्भिक परिस्थितियों से उत्पन्न आपदा चुनौतियों और उनसे निपटने के लिए एसडीआरएफ द्वारा विकसित विशेषज्ञ रेस्क्यू क्षमताओं, प्रशिक्षण प्रणाली, तकनीकी दक्षता एवं आधुनिक उपकरणों की जानकारी दी।

प्रतिनिधिमंडल को पर्वतीय क्षेत्रों, नदी घाटियों, भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों सहित अन्य आपदा संभावित स्थानों पर संचालित रेस्क्यू अभियानों की कार्यप्रणाली से भी अवगत कराया गया। इस दौरान खोज एवं बचाव, पीड़ितों का पता लगाने और आपात परिस्थितियों में त्वरित एवं समन्वित प्रतिक्रिया के लिए दिए जाने वाले व्यावहारिक प्रशिक्षण की जानकारी साझा की गई।
विश्व बैंक प्रतिनिधिमंडल ने एसडीआरएफ की कैनाइन यूनिट और प्रशिक्षण सुविधाओं का भी अवलोकन किया। अधिकारियों ने आपदा के समय प्रशिक्षित श्वान दस्ते की भूमिका तथा खोज एवं बचाव अभियानों में इसकी उपयोगिता के बारे में जानकारी दी।

एसडीआरएफ अधिकारियों के अनुसार, विश्व बैंक समूह के प्रतिनिधिमंडल का यह भ्रमण उत्तराखंड की आपदा प्रबंधन क्षमता, आधुनिक आधारभूत संरचना और विशेषज्ञ रेस्क्यू व्यवस्था को वैश्विक स्तर पर प्रदर्शित करने की दिशा में महत्वपूर्ण रहा। साथ ही आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में ज्ञान और अनुभव के आदान-प्रदान का अवसर भी मिला।

इस दौरान उपसेनानायक शुभांक रतूड़ी, सहायक सेनानायक सुशील रावत एवं संजय उप्रेती, क्वार्टर मास्टर आनंद रावत, इंस्पेक्टर प्रमोद रावत, सूबेदार मेजर जयपाल राणा सहित अन्य अधिकारी एवं कार्मिक मौजूद रहे।



