Divine arrival at Shri Badrinath Dham: Uddhav ji and Kuber ji’s festive carts reached safely, chants of “Jai Badri Vishal” echoed.
श्री बद्रीनाथ धाम में दिव्य आगमन: उद्धव जी व कुबेर जी की उत्सव डोलियाँ सकुशल पहुँचीं, गूंजे “जय बद्री विशाल” के जयकारे.

The Aman Times
उत्तराखंड ब्यूरो _
श्री बद्रीनाथ धाम में दिव्य आगमन: उद्धव जी व कुबेर जी की उत्सव डोलियाँ सकुशल पहुँचीं, गूंजे “जय बद्री विशाल” के जयकारे
बद्रीनाथ/उत्तराखंड_
श्री बद्रीनाथ धाम में आज भक्ति और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला, जब भगवान बद्री विशाल के प्रतिनिधि स्वरूप उद्धव जी एवं देवताओं के खजांची कुबेर जी की पवित्र उत्सव डोलियाँ सकुशल धाम पहुँच गईं। इस दिव्य आगमन के साथ ही कपाट खुलने की तैयारियों ने और रफ्तार पकड़ ली है।

शीतकालीन प्रवास के बाद यह पावन यात्रा योगध्यान बद्री मंदिर से पारंपरिक पूजा-अर्चना, वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठानों के साथ शुरू हुई। यात्रा में भगवान बद्री विशाल की उत्सव डोली, आदि गुरु शंकराचार्य जी की गद्दी, पवित्र गाडू घड़ा (तिल तेल कलश), रावल (मुख्य पुजारी) सहित उद्धव जी और कुबेर जी की डोलियाँ भव्य रूप से बद्रीनाथ धाम की ओर रवाना हुईं।

पूरे यात्रा मार्ग में “जय बद्री विशाल” के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो उठा। भारतीय सेना के बैंड की मधुर धुनों के बीच श्रद्धालुओं की भारी भीड़ यात्रा के साथ चलती रही। रास्ते में विष्णुप्रयाग, लामबगड़ और हनुमानचट्टी जैसे प्रमुख पड़ावों पर डोलियों का पारंपरिक स्वागत किया गया और श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद प्राप्त किया।

सुरक्षा के मद्देनज़र पुलिस प्रशासन द्वारा पूरे मार्ग पर सख्त और चाक-चौबंद व्यवस्थाएँ की गई थीं, जिससे यात्रा शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुई।

धार्मिक मान्यता के अनुसार, शीतकाल में जब बद्रीनाथ धाम के कपाट बंद रहते हैं, तब भगवान विष्णु के प्रतिनिधि उद्धव जी और कुबेर जी योगध्यान बद्री, पांडुकेश्वर में विराजमान रहते हैं। चारधाम यात्रा शुरू होने से पहले इन दिव्य स्वरूपों का धाम में पुनः आगमन एक महत्वपूर्ण परंपरा मानी जाती है।

इस पावन वापसी के साथ ही अब श्री बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलने की उल्टी गिनती शुरू हो गई है, जिसका देश-विदेश के लाखों श्रद्धालु बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।




