CM Dhami’s big announcement: Government committed to social justice and public welfare.
मुख्यमंत्री धामी ने 9.74 लाख लाभार्थियों को भेजी 176.59 करोड़ की पेंशन, नशा मुक्ति और बुजुर्ग सम्मान की दिलाई शपथ.

The Aman Times
उत्तराखंड ब्यूरो _
मुख्यमंत्री धामी ने 9.74 लाख लाभार्थियों को भेजी 176.59 करोड़ की पेंशन, नशा मुक्ति और बुजुर्ग सम्मान की दिलाई शपथ
देहरादून/ उत्तराखंड_
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को सर्वे चौक स्थित आईआरडीटी सभागार में आयोजित राज्य स्तरीय सामूहिक जागरूकता अभिमुखीकरण कार्यक्रम में विभिन्न सामाजिक कल्याण योजनाओं के तहत लाभार्थियों को पेंशन राशि हस्तांतरित की। मुख्यमंत्री ने वन क्लिक के माध्यम से 9 लाख 74 हजार 338 लाभार्थियों के खातों में कुल 176 करोड़ 59 लाख 24 हजार रुपये की पेंशन राशि भेजी।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने नशा मुक्त उत्तराखंड अभियान को मजबूत बनाने के लिए उपस्थित लोगों को नशा मुक्ति तथा वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान एवं देखभाल की शपथ भी दिलाई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य समाज के अंतिम छोर पर खड़े पात्र व्यक्ति तक बिना भेदभाव और बिना बाधा योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से करोड़ों लोगों को लाभ मिला है और राज्य सरकार भी सामाजिक न्याय को मजबूत करने की दिशा में लगातार काम कर रही है।

उन्होंने कहा कि राज्य में अंत्योदय परिवारों को सालाना तीन मुफ्त गैस सिलेंडर दिए जा रहे हैं, महिलाओं को स्वरोजगार और आर्थिक आत्मनिर्भरता से जोड़ने के लिए स्वयं सहायता समूहों को प्रोत्साहित किया जा रहा है तथा विभिन्न स्वरोजगार योजनाओं के माध्यम से युवाओं को अवसर दिए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले चार वर्षों में राज्य की अर्थव्यवस्था डेढ़ गुना बढ़ी है और बेरोजगारी दर में रिकॉर्ड कमी दर्ज की गई है। उन्होंने दावा किया कि राज्य की जीएसडीपी में 7.23 प्रतिशत की वृद्धि हुई है जबकि प्रति व्यक्ति आय में 41 प्रतिशत का इजाफा हुआ है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सख्त भू-कानून, धर्मांतरण विरोधी कानून और नकल विरोधी कानून लागू किए गए हैं। उन्होंने बताया कि पिछले साढ़े चार वर्षों में 33 हजार से अधिक युवाओं को पारदर्शी तरीके से सरकारी नौकरियां दी गई हैं।

कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री, विधायक, विभिन्न आयोगों और समितियों के पदाधिकारी एवं अधिकारी मौजूद रहे।



