“Chief Minister Dhami reached Bhimtal on World Environment Day, planted saplings in the lake beautification campaign”
"विश्व पर्यावरण दिवस पर भीमताल पहुंचे मुख्यमंत्री धामी, झील सौंदर्यीकरण अभियान में किया पौधरोपण"
The Aman Times
उत्तराखंड ब्यूरो _
विश्व पर्यावरण दिवस पर भीमताल झील सौंदर्यीकरण अभियान में शामिल हुए मुख्यमंत्री, किया पौधरोपण
भीमताल/नैनीताल से खबर हैं _
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद नैनीताल के भीमताल में आयोजित झील सौंदर्यीकरण अभियान कार्यक्रम में प्रतिभाग कर भीमताल झील परिक्षेत्र में पौधरोपण किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने झील किनारे पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

मुख्यमंत्री ने उपस्थित जनसमूह को विश्व पर्यावरण दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उत्तराखण्ड की संस्कृति और जीवनशैली का प्रकृति के साथ गहरा जुड़ाव रहा है। उन्होंने कहा कि हमारे लोक पर्व, परंपराएं और जनजीवन सदैव पर्यावरण संरक्षण के मूल्यों को मजबूत करते रहे हैं और यह दिवस प्रकृति के प्रति हमारी आस्था और संरक्षण की भावना को दर्शाता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नैनीताल जिला झीलों के नाम पर विश्वविख्यात है और यहां देश-विदेश से पर्यटक पहुंचते हैं। झीलों का संरक्षण एवं संवर्धन सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। इसी उद्देश्य से भीमताल झील किनारे पौधरोपण के साथ सौंदर्यीकरण कार्य किया जा रहा है।
उन्होंने सभी नागरिकों से इस मानसून में अधिक से अधिक पौधरोपण करने, जल स्रोतों के संरक्षण, नदियों एवं सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता बनाए रखने और प्लास्टिक के उपयोग को कम करने का आह्वान किया। साथ ही पर्यावरण संरक्षण अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील भी की।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने अपनी पूज्य माता श्रीमती बिसना देवी के नाम से बोगनबेलिया का पौधा लगाया। वहीं शहरी विकास, पर्यावरण संरक्षण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री राम सिंह कैड़ा ने भी अपनी स्वर्गीय माता श्रीमती रेवती देवी की स्मृति में पौधरोपण किया।
इस अवसर पर कुमाऊं आयुक्त एवं सचिव मुख्यमंत्री दीपक रावत, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, मुख्य वन संरक्षक तेजस्विनी अरविंद पाटील, मुख्य विकास अधिकारी अरविंद कुमार पाण्डे सहित कई अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों ने भी अपनी माताओं के नाम पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, प्रकृति प्रेमी, अधिकारी एवं स्थानीय नागरिक बड़ी संख्या में मौजूद रहे।



