
The Aman Times
उत्तराखंड ब्यूरो _
एम्स ऋषिकेश के दीक्षांत समारोह में उपराष्ट्रपति का संबोधन, छात्रों को राष्ट्रसेवा के लिए किया प्रेरित
ऋषिकेश/उत्तराखंड_
सी. पी. राधाकृष्णन ने आज अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान ऋषिकेश के छठे दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि यह अवसर केवल शैक्षणिक उपलब्धि नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी निभाने की शुरुआत है। उन्होंने स्नातकों से समर्पण और उद्देश्य के साथ अपने पेशेवर कर्तव्यों का निर्वहन करने का आह्वान किया।

उन्होंने नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में हुए नवाचारों और बड़े टीकाकरण अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि करोड़ों नागरिकों को मुफ्त टीके उपलब्ध कराए गए, जो भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

उपराष्ट्रपति ने पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और समावेशी विकास के प्रयासों की सराहना की।

इस अवसर पर गुरमीत सिंह ने उपराष्ट्रपति का स्वागत करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन से युवा चिकित्सकों को राष्ट्रसेवा की नई दिशा मिलेगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दीक्षांत समारोह में उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि यह उनके जीवन का महत्वपूर्ण मोड़ है और चिकित्सा क्षेत्र में उनका योगदान राष्ट्र निर्माण में अहम भूमिका निभाएगा।

मुख्यमंत्री ने बताया कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की परिकल्पना से स्थापित एम्स ऋषिकेश आज प्रदेश का प्रमुख जीवन रक्षक संस्थान बन चुका है, जहां कैंसर उपचार, न्यूरोसर्जरी, रोबोटिक सर्जरी और जॉइंट रिप्लेसमेंट जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। साथ ही हेली एम्बुलेंस सेवा दूरस्थ क्षेत्रों में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचा रही है।

उन्होंने यह भी जानकारी दी कि ऊधमसिंह नगर में एम्स ऋषिकेश का सैटेलाइट सेंटर निर्माणाधीन है, जिससे कुमाऊं क्षेत्र के लोगों को भी उच्च स्तरीय चिकित्सा सेवाओं का लाभ मिलेगा। राज्य में मेडिकल कॉलेजों की स्थापना, टेलीमेडिसिन नेटवर्क का विस्तार और जन औषधि केंद्रों के माध्यम से सस्ती दवाइयों की उपलब्धता पर तेजी से कार्य किया जा रहा है।

केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने कहा कि चिकित्सा पेशा केवल करियर नहीं, बल्कि मानव सेवा का सर्वोच्च माध्यम है।

कार्यक्रम में त्रिवेंद्र सिंह रावत, नरेश बंसल, महेंद्र भट्ट सहित कई गणमान्य व्यक्ति, संकाय सदस्य और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।



