
The Aman Times
उत्तराखंड ब्यूरो _
खेत बचाओ अभियान बना जनआंदोलन, किसानों को टिकाऊ खेती अपनाने का संदेश
अल्मोड़ा।
जलवायु परिवर्तन की बढ़ती चुनौतियों के बीच कृषि और किसानों के भविष्य को सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से हवालबाग में राज्य स्तरीय “खेत बचाओ अभियान” कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कृषि संरक्षण, मिट्टी की उर्वरा शक्ति बनाए रखने और किसानों को भविष्य की चुनौतियों के प्रति जागरूक करने पर विशेष जोर दिया गया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि अल्मोड़ा की धरती पर किसानों के बीच आकर उन्हें नई ऊर्जा मिलती है। उन्होंने कहा कि “खेत बचाओ अभियान” अब केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनभागीदारी से जुड़ा एक जनआंदोलन बन चुका है।

मुख्यमंत्री ने किसानों से कृषि भूमि, मिट्टी और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान करते हुए कहा कि किसान केवल अन्नदाता ही नहीं, बल्कि देश की शक्ति और हिम्मत हैं। उन्होंने मिट्टी की उर्वरा शक्ति बनाए रखने और खेती को रासायनिक पदार्थों से यथासंभव मुक्त रखने पर बल दिया।

कार्यक्रम में मोटे अनाजों जैसे मडुआ, झंगोरा, चौलाई और अन्य पारंपरिक फसलों के संरक्षण एवं उत्पादन बढ़ाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि बदलते मौसम और जलवायु परिस्थितियों के अनुरूप फसलों का चयन और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाना समय की मांग है।

उन्होंने जानकारी दी कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए बजट में 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है तथा पॉलीहाउस, फलोत्पादन, कोल्ड स्टोरेज, मेगा फूड पार्क और सुगंधित फसलों को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। वर्तमान में प्रदेश में लगभग 23 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सुगंधित फसलों के उत्पादन को प्रोत्साहित किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को योजनाओं का लाभ सीधे डीबीटी के माध्यम से दिया जा रहा है, जिससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त हुई है। साथ ही उन्होंने किसानों से नियमित मिट्टी परीक्षण, जल संरक्षण और टिकाऊ कृषि पद्धतियों को अपनाने का आह्वान किया।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने अल्मोड़ा जनपद में तारबाड़ योजना के अंतर्गत लगभग 6 करोड़ रुपये की लागत से कार्य कराए जाने की घोषणा भी की।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसानों, महिला समूहों, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने सहभागिता करते हुए कृषि संरक्षण, मिट्टी संवर्धन और जलवायु अनुकूल खेती को बढ़ावा देने का संकल्प लिया। उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसानों को सम्मानित भी किया गया।



