
The Aman Times
उत्तर प्रदेश ब्यूरो _
रामपुर तिराहा में शहीद राज्य आंदोलनकारियों को सीएम धामी ने दी श्रद्धांजलि, प्रतिमाएं स्थापित करने समेत कई घोषणाएं
मुजफ्फरनगर/उत्तर प्रदेश
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रामपुर तिराहा स्थित शहीद स्थल पर उत्तराखंड राज्य आंदोलन के अमर शहीदों की पुण्य स्मृति में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में प्रतिभाग कर शहीद स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की।

इस दौरान उन्होंने राज्य आंदोलन के बलिदानियों को नमन करते हुए उनकी स्मृतियों को भावी पीढ़ियों तक पहुंचाने के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं।

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि उत्तराखंड राज्य आंदोलन में शहीद हुए जिन आंदोलनकारियों की प्रतिमाएं अभी तक स्थापित नहीं हुई हैं, उनकी प्रतिमाएं उनके पैतृक गांव अथवा निवास क्षेत्र में उपयुक्त स्थान पर स्थापित की जाएंगी। इसके साथ ही रामपुर तिराहा स्थित राज्य अतिथि गृह के उच्चीकरण, स्मारक परिसर की लाइब्रेरी को ई-लाइब्रेरी के रूप में विकसित करने और संग्रहालय के विस्तार की घोषणा की गई। संग्रहालय में उत्तराखंड के पारंपरिक वाद्य यंत्रों, वेशभूषा और लोक संस्कृति से जुड़ी सामग्री भी प्रदर्शित की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य आंदोलनकारियों के पुनः चिन्हीकरण की प्रक्रिया भी जल्द पूरी की जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आंदोलनकारियों और उनके आश्रितों के सम्मान एवं हितों के लिए लगातार कार्य कर रही है। राज्य आंदोलनकारियों एवं उनके आश्रितों को राजकीय सेवाओं में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण दिया जा रहा है।

सीएम धामी ने कहा कि आंदोलनकारियों के आश्रित प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया को सरल बनाते हुए इन्हें तहसील स्तर पर जारी करने के आदेश दिए गए हैं। राज्य आंदोलनकारियों की समस्याओं के समाधान के लिए उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी सम्मान परिषद का गठन किया गया है। इसके अलावा राज्य पर्वों और विभिन्न सरकारी कार्यक्रमों में आंदोलनकारियों को आमंत्रित कर सम्मानित करने तथा परिवहन निगम की बसों में निःशुल्क आवागमन की सुविधा भी दी जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़कों और विद्यालयों का नाम शहीद राज्य आंदोलनकारियों के नाम पर रखने के संबंध में आदेश जारी किए जा चुके हैं। रामपुर तिराहा, खटीमा, देहरादून और मसूरी स्थित शहीद स्थलों के पुनर्निर्माण एवं विस्तारीकरण की प्रक्रिया भी शुरू की गई है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने रामपुर तिराहा कांड में शहीद राज्य आंदोलनकारियों की प्रतिमाओं की स्थापना के कार्य का शिलान्यास किया। उन्होंने बताया कि रामपुर तिराहा में शहीदों की मूर्ति स्थापना के लिए 27 लाख रुपये की धनराशि अवमुक्त की गई है।

मुख्यमंत्री ने 1 और 2 अक्टूबर 1994 की रात रामपुर तिराहा में दिल्ली जा रहे राज्य आंदोलनकारियों के साथ हुई घटना को उत्तराखंड राज्य आंदोलन के इतिहास का पीड़ादायक अध्याय बताया। उन्होंने कहा कि खटीमा, मसूरी, रामपुर तिराहा और श्रीनगर के श्री यंत्र टापू सहित विभिन्न स्थानों पर आंदोलनकारियों ने बलिदान दिया और उनके संघर्ष के परिणामस्वरूप उत्तराखंड अलग राज्य के रूप में अस्तित्व में आया।

कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल, विधान परिषद सदस्य वंदना वर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष किरण चौधरी, भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. सुधीर सैनी, उत्तराखंड संस्कृति, साहित्य एवं कला परिषद की उपाध्यक्ष मधु भट्ट, राज्य आंदोलनकारी सम्मान परिषद के उपाध्यक्ष सुभाष बड़थ्वाल, सचिव संस्कृति युगल किशोर पंत सहित बड़ी संख्या में राज्य आंदोलनकारी, जनप्रतिनिधि एवं स्थानीय लोग मौजूद रहे।



