Big test of preparedness to deal with disaster in Dehradun, mock drill held simultaneously at 7 sensitive places.
देहरादून में आपदा से निपटने की तैयारियों का बड़ा परीक्षण, 7 संवेदनशील स्थानों पर एक साथ हुई मॉकड्रिल.

The Aman Times
उत्तराखंड ब्यूरो _
देहरादून में आपदा से निपटने की तैयारियों का बड़ा परीक्षण, 7 संवेदनशील स्थानों पर एक साथ हुई मॉकड्रिल
देहरादून से बड़ी खबर है
मानसून के दौरान संभावित बाढ़, जलभराव और भूस्खलन जैसी प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए गुरुवार को देहरादून जनपद के सात संवेदनशील स्थानों पर एक साथ व्यापक मॉकड्रिल आयोजित की गई। इस अभ्यास का उद्देश्य विभिन्न विभागों की आपदा प्रतिक्रिया क्षमता, संसाधनों की उपलब्धता और आपसी समन्वय का परीक्षण करना था।

गुरुवार सुबह 9:30 बजे जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र को काल्पनिक सूचना मिली कि भारी बारिश के कारण जिले के सात अलग-अलग क्षेत्रों में बाढ़, जलभराव और भूस्खलन की स्थिति बन गई है तथा कई लोग फंस गए हैं। सूचना मिलते ही जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान के निर्देश पर इंसीडेंट रिस्पांस सिस्टम (IRS) के सभी नोडल अधिकारी कंट्रोल रूम पहुंचे। सभी एसडीएम, इंसीडेंट कमांडर्स और रेस्क्यू टीमों को तत्काल रवाना किया गया। सुबह 10:10 बजे तक सभी टीमें अपने-अपने स्थानों पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य में जुट गईं। पूरे अभियान की निगरानी अपर जिलाधिकारी के.के. मिश्रा ने कंट्रोल रूम से की।

सात स्थानों पर ऐसे चला रेस्क्यू अभियान
सहस्रधारा-कार्लीगाड़: नदी का जलस्तर बढ़ने से टापू पर फंसे पर्यटकों को एसडीआरएफ, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग ने सुरक्षित निकाला। अभ्यास के दौरान 2 लोगों को मृत, 7 गंभीर और 3 सामान्य घायल दर्शाते हुए अस्पताल भेजा गया।
ऋषिकेश (गौहरीमाफी): चंद्रभागा, सुसवा और सौंग नदियों में बाढ़ की स्थिति में 60-70 परिवारों को नाव और राफ्ट के जरिए सुरक्षित राहत शिविरों तक पहुंचाया गया तथा 8 घायलों को अस्पताल भेजा गया।

विकासनगर (जमनीपुर-सहसपुर): आसन और स्वर्णा नदी के उफान से प्रभावित लोगों को सुरक्षित निकालकर राहत शिविरों में पहुंचाया गया, जबकि 4 गंभीर घायलों को सीएचसी सहसपुर भेजा गया।
मसूरी (लंबीधार-किमाड़ी मार्ग): भूस्खलन से बंद मार्ग को जेसीबी की मदद से खोलकर फंसे वाहनों की आवाजाही बहाल की गई।
डोईवाला (दूधली): अत्यधिक वर्षा की काल्पनिक स्थिति में बिजली आपूर्ति बंद कर सुरक्षा सुनिश्चित की गई। रेस्क्यू टीमों ने 4 घायलों को अस्पताल पहुंचाया और 4 परिवारों को राहत शिविर में शिफ्ट किया।

चकराता-त्यूनी मार्ग: धारनधार के पास भूस्खलन के बाद फंसे यात्रियों को पहले राहत सामग्री उपलब्ध कराई गई, फिर जेसीबी से मलबा हटाकर एक घंटे के भीतर मार्ग सुचारू किया गया।
खामियां दूर करने के निर्देश
अपर जिलाधिकारी के.के. मिश्रा ने मॉकड्रिल को सफल बताते हुए कहा कि ऐसे पूर्वाभ्यास से आपदा के समय राहत एवं बचाव कार्यों को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। उन्होंने सभी नोडल अधिकारियों को निर्देश दिए कि अभ्यास के दौरान सामने आई कमियों और आवश्यक संसाधनों की पहचान कर उन्हें समय रहते पूरा किया जाए, ताकि वास्तविक आपदा की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्य बिना किसी बाधा के संचालित किए जा सकें।

मॉकड्रिल के दौरान जिला प्रशासन, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, विद्युत विभाग, लोक निर्माण विभाग सहित आईआरएस से जुड़े सभी विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।



