Brainstorming on rural development and employment generation in the Bridge Commission meeting, emphasis on expansion of smart village centers.
सेतु आयोग की बैठक में ग्रामीण विकास और रोजगार सृजन पर मंथन, स्मार्ट विलेज सेंटरों के विस्तार पर जोर.

The Aman Times
उत्तराखण्ड ब्यूरो_
सेतु आयोग की बैठक में ग्रामीण विकास और रोजगार सृजन पर मंथन, स्मार्ट विलेज सेंटरों के विस्तार पर जोर
देहरादून/उत्तराखंड_
सचिवालय में सेतु आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री शत्रुघ्न सिंह की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में राज्य के संतुलित, समावेशी और सतत विकास को लेकर विभिन्न विभागों के अधिकारियों और संस्थाओं के प्रतिनिधियों के साथ विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में पर्यटन, कृषि, उद्यान, स्वास्थ्य, तकनीकी विकास और रोजगार सृजन से जुड़े विषयों पर विशेष फोकस किया गया।

बैठक में बताया गया कि सेतु आयोग द्वारा ग्रामीण स्तर पर सार्वजनिक सेवाओं और डिजिटल सुविधाओं के विस्तार के लिए ‘एकीकृत स्मार्ट विलेज केंद्रों’ की शुरुआत की गई है। इन केंद्रों के माध्यम से विकास की संभावनाओं का आकलन कर दूरगामी योजनाएं तैयार की जाएंगी, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी सेवाओं की पहुंच और प्रभावशीलता बढ़ाई जा सके।

मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री शत्रुघ्न सिंह ने कहा कि राज्य की भौगोलिक और पर्यावरणीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए संतुलित और समावेशी विकास के लिए सभी विभागों को समन्वय के साथ काम करना होगा। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए विभागीय कन्वर्जन मॉडल के तहत स्थानीय समुदायों की सक्रिय भागीदारी जरूरी है।
उन्होंने पंचायत स्तर पर चिन्हित सेंटरों के प्रतिनिधियों को स्थानीय लोगों से संवाद स्थापित कर एक वर्ष की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही जून के अंतिम सप्ताह तक ऐसी कार्ययोजना उपलब्ध कराने को कहा गया, जिसमें विभिन्न विभागीय योजनाओं की बेहतर पहुंच सुनिश्चित करने के उपाय शामिल हों।

बैठक में स्मार्ट सेंटरों को हेल्प डेस्क के रूप में विकसित करने, स्थानीय लोगों को प्रशिक्षण देने, योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराने और बिजनेस मॉडल के लिए एसओपी तैयार करने जैसे कई सुझाव भी सामने आए।
इस दौरान सलाहकार डॉ. भावना शिंदे सहित सेवायोजन, जलागम, स्वास्थ्य समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी और कई संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद रहे।



