
The Aman Times
उत्तराखंड/दिल्ली ब्यूरो_
गुरुग्राम में AWPL “विजय पर्व” में शामिल हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी
देहरादून/गुरुग्राम, 26 अप्रैल 2026:
उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज गुरुग्राम में आयोजित AWPL के “विजय पर्व” कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने मेहनत और समर्पण से सफलता हासिल करने वाले प्रतिभाशाली साथियों को सम्मानित किए जाने पर खुशी जताई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि AWPL द्वारा अपनाया गया डायरेक्ट सेलिंग मॉडल उपभोक्ताओं तक सीधे गुणवत्तापूर्ण उत्पाद पहुंचाने का प्रभावी माध्यम है, जिससे लाखों लोगों को आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिल रहा है। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में उमड़ी भीड़ यह दर्शाती है कि यह मॉडल आज लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहा है।

उन्होंने AWPL के प्रबंध निदेशक एवं सीईओ डॉ. संजीव कुमार और उनकी टीम को इस भव्य आयोजन के लिए बधाई दी।

“जॉब सीकर नहीं, जॉब क्रिएटर बनें युवा”
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में युवाओं को “जॉब सीकर” से “जॉब क्रिएटर” बनने की दिशा में प्रेरित किया जा रहा है और डायरेक्ट सेलिंग इसका सशक्त उदाहरण है। यह मॉडल आर्थिक सशक्तिकरण के साथ व्यक्तित्व विकास का भी अवसर देता है।
महिलाओं की बढ़ती भागीदारी
उन्होंने कहा कि मातृशक्ति इस क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रही है और परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

देश और राज्य के विकास पर जोर
मुख्यमंत्री ने “रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म” के विजन का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत आज विकास और अवसरों की वैश्विक पहचान बना चुका है।
उन्होंने स्टार्टअप इंडिया, मेक इन इंडिया, स्किल इंडिया, डिजिटल इंडिया जैसी योजनाओं को आत्मनिर्भर भारत की मजबूत नींव बताया।
उत्तराखण्ड में निवेश और विकास
मुख्यमंत्री ने बताया कि 2023 के ग्लोबल इनवेस्टर्स समिट में ₹3.56 लाख करोड़ से अधिक के निवेश समझौते हुए, जिनमें से ₹1 लाख करोड़ से अधिक के प्रस्ताव जमीन पर उतर चुके हैं।
राज्य में GSDP में 7.23% वृद्धि और प्रति व्यक्ति आय में करीब 41% बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
रोजगार और पर्यटन को बढ़ावा
उन्होंने कहा कि प्रदेश में 20 हजार से अधिक नए उद्योग स्थापित हुए हैं। पर्यटन क्षेत्र में होटल उद्योग में 25% और होमस्टे में 50% से अधिक वृद्धि हुई है, जिससे स्थानीय रोजगार को बढ़ावा मिला है।
“हाउस ऑफ हिमालयाज” से महिलाओं को सशक्तिकरण
मुख्यमंत्री ने बताया कि “हाउस ऑफ हिमालयाज” ब्रांड के जरिए स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों को वैश्विक पहचान मिल रही है। इसके परिणामस्वरूप लगभग 2.75 लाख महिलाएं “लखपति दीदी” बन चुकी हैं।
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निष्कर्ष:
AWPL का “विजय पर्व” न सिर्फ एक सम्मान समारोह रहा, बल्कि यह आत्मनिर्भर भारत, महिला सशक्तिकरण और रोजगार सृजन की दिशा में बढ़ते कदमों का भी प्रतीक बना।



